| S.N |
Hindi Class 10th Objective Question |
| काव्य खण्ड (क्षितिज) | |
| 1 | पद |
| 2 | राम लक्ष्मण परशुराम संवाद |
| 3 | सवैया , कवित |
| 4 | आत्मकथ्य |
| 5 | उत्साह, अट नहीं रही है |
| 6 | यह दंतुरित मुस्कान |
| 7 | छाया मत छूना |
| 8 | कन्यादान |
| 9 | संगतकार |
| गद्य खंड | |
| 10 | नेताजी का चश्मा |
| 11 | बालगोबिन भगत |
| 12 | लखनवी अंदाज |
| 13 | मानवीय करुणा की दिव्य चमक |
| 14 | एक कहानी यह भी |
| 15 | स्त्री शिक्षा के विरोधी कुतर्कों का खंडन |
| 16 | नौबतखाने में इबादत |
| 17 | संस्कृति |
| कृतिका | |
| 1 | माता का अंचल |
| 2 | जॉर्ज पंचम की नाक |
| 3 | साना साना हाथ जोड़ी…. |
| 4 | एही ठैयांं झूलनी हैरानी हो रामा ! |
| 5 | मैं क्यों लिखता हूं ? |
| S.N |
Hindi Class 10th Subjective Question |
| काव्य खण्ड (क्षितिज) | |
| 1 | पद |
| 2 | राम लक्ष्मण परशुराम संवाद |
| 3 | सवैया , कवित |
| 4 | आत्मकथ्य |
| 5 | उत्साह, अट नहीं रही है |
| 6 | यह दंतुरित मुस्कान |
| 7 | छाया मत छूना |
| 8 | कन्यादान |
| 9 | संगतकार |
| गद्य खंड | |
| 10 | नेताजी का चश्मा |
| 11 | बालगोबिन भगत |
| 12 | लखनवी अंदाज |
| 13 | मानवीय करुणा की दिव्य चमक |
| 14 | एक कहानी यह भी |
| 15 | स्त्री शिक्षा के विरोधी कुतर्कों का खंडन |
| 16 | नौबतखाने में इबादत |
| 17 | संस्कृति |
| कृतिका | |
| 1 | माता का अंचल |
| 2 | जॉर्ज पंचम की नाक |
| 3 | साना साना हाथ जोड़ी…. |
| 4 | एही ठैयांं झूलनी हैरानी हो रामा ! |
| 5 | मैं क्यों लिखता हूं ? |
